असफलता-से-सफलता-की-कहानी

असफलता से सफलता की कहानी | failure to success bible story

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दोस्तों आज हम पढेंगे बाइबिल में असफलता से सफलता की कहानी | failure to success bible story यह कहानी पायी जाती है लूका रचित सुसमाचार 5:1-11 में तो आइये शुरू करते हैं.

असफलता से सफलता की कहानी | Failure to Success Bible Story

"शमौन ने उसको उत्तर दिया, "हे स्वामी, हम ने सारी रात मेहनत की और कुछ न पकड़ा, तौभी तेरे कहने से जाल डालूँगा." (लूका 5:1-11) वचन 5. 
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असफलता-से-सफलता-की-कहानी Image by Daniel Reche from Pixabay

The one who falls and gets up is stronger than the one who never tried. Do not fear failure but rather fear not trying.

-Roy T. Bennett

बाइबिल में पतरस की कहानी | पतरस का विश्वास

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जो असफल होकर गिर जाता है और फिर उठ जाता है उसकी शक्ति अधिक है उसकी तुलना में जो कभी कोशिश ही नहीं करता. इसलिए असफलता से न डरें बल्कि कोशिश न करने कि आदत से डरें .

कोई नहीं कह सकता कि उसके जीवन में असफलता कभी नहीं आई या आएगी.

पतरस की कहानी | पतरस की जीवनी | पतरस कौन था

लूका रचित सुसमाचार के 5:11 में हम देखते हैं शिमौन (पतरस) ने पूरी कोशिश की समुद्र में मछली पकड़ने के लिए पूरी रात मेहनत की लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा.

बुरी तरह से असफल रहा. तब वहां सुबह प्रभु यीशु उसकी नांव में आते हैं और उसकी परीक्षा करते हैं. और उससे कहते हैं नांव को गहरे में ले चल और दाहिनी ओर जाल डाल.

यीशु एक बढई के घर में पला और बड़ा हुआ था. अत: आज एक बढई का बेटा मछुआरे के बेटे को मछली पकड़ना सिखा रहा है.

लेकिन पतरस ने आज्ञापालन करते हुए नांव को गहरे में ले जाकर अपने जाल को दाहिनी ओर डालता है.

और देखकर हैरान हो जाता है कि उसके जाल में इतनी बड़ी बड़ी ढेर सारी मछलियाँ आ गईं कि जाल फटने सा लगा और जब उसे वे खीचने लगे तो अकेले जाल को खीचा नहीं जा सका

इसलिए उन्होंने इशारे करके और भी मछुआरे मित्रों ओ बुलवाया और नांव यहाँ तक भर गई कि लगा शायद नांव ही डूब जाएगी.

एक बहुत बड़ी सफलता. यह देखकर पतरस प्रभु यीशु के पांवो पर गिर गया. तब यीशु ने उससे कहा, मेरे पीछे हो ले मैं तुझे मनुष्यों को पकड़ने वाला मछुआरा बनाऊंगा.

हम भी एक समय असफल थे.

हम भी एक समय बुरी रीती से असफलता में जीवन बिता रहे थे. कई बार हम सोचते हैं. क्या मेरे दुःख, मेरी परेशानियां कभी दूर हो सकती हैं.

क्या मेरे जीवन में भी कभी सफलता मिलेगी. यदि आप भी ऐसी परिस्थिति से होकर जा रहे हैं आप बाइबिल में इस उपरोक्त पद को अवश्य प्रार्थना के साथ पढ़ें.

आज प्रभु आपको सिखाना चाहता है कि अपनी असफलता का कैसे सामना करना है. बाइबिल का यह भाग हमें सिखाता है हमें हिम्मत नहीं हारना है.

एक बार और प्रार्थना के साथ और प्रभु यीशु मसीह की आज्ञापालन करते हुए कोशिश करना है. नदी में मछली पकड़ते समय यह ध्यान दिया जाता है

कि यदि उथले में या किनारे में मछली पकड़ना है तो सुबह में पकड़ना चाहिए. और गहरे में मछली पकड़ना है तो रात में पकड़ना चाहिए.

लेकिन प्रभु यीशु ने बिलकुल ही अलग रीती से पतरस को मछली पकड़ने का आदेश दिया. यीशु के कहने का तात्पर्य था तुम मेरे तरीके से मेरी दिशा में मछली पकड़ों मेरी आज्ञानुसार कार्य करो.

जिस तरीके से मैं कहता हूँ. प्रभु आज आपके जीवन में भी कुछ कहना चाहता है. उस कार्य में डर अवश्य होगा. असफलता का डर लोगों के कुछ कहने का डर कि लोग मुर्ख न कहने लगे.

परिवर्तन हमेशा ही कष्टकारी होता है. इसलिए हम बदलना नहीं चाहते. अपने पुराने तरीके को ही अपनाते रहते हैं. अपने कम्फर्ट जोन में रहना चाहते हैं.

लेकिन परमेश्वर चाहते हैं हम परिवर्तन लाएं. जिस प्रकार परमेश्वर ने अब्राहम को उसके पिता के कम्फर्ट जोन से बाहर आने को कहा, और कहा, मैं तुझे आशीष दूंगा और तुझे आशीष का सोता बनाऊंगा.

दुनिया कि सारी जातियां तेरे द्वारा आशीषित होंगी. अब्राहम भी कह सकता था, प्रभु परमेश्वर यदि आप मुझे आशीष देना चाहते हैं तो यहीं मेरे पिता के घर में आशीष दे दीजिए.

क्या आप मुझे मेरे घर से बेघर करके आशीष देना चाहते हैं क्या?

पतरस मछली पकड़ने के बेहतर समय और बेहतर तरीके जानता था. पतरस मछली पकड़ने का अनुभव रखता था.

पतरस मछली पकड़ने में महारत हासिल किया हुआ था. पतरस बचपन से यही काम करता हुआ आया था. लेकिन उसके बावजूद प्रभु यीशु ने उससे कहा, एक बार और जाल डाल

देखो, मैं एक नई बात करता हूं; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उस से अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊंगा और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा. (यशायाह 43;19) 

परमेश्वर आपके द्वारा एक नया काम करना चाहते हैं. यदि आप तैयार हैं जो परमेश्वर आपके द्वारा करना चाहते हैं तो आपको एक बार फिर जाल डालना होगा.

परमेश्वर के दास D. L. Moody ने कहा था, वर्तमान को डिस्टर्ब किये बिना भविष्य को बदलना नामुमकिन है.

कलीसिया में भी परिवर्तन नहीं आएगा जब तक पासवान और विश्वासी बदलने के लिए तैयार नहीं हैं. हमें कहना होगा प्रभु हम तैयार हैं…

जोखिम लेने को तैयार रहें

पतरस को मालुम था कि आस पास के सभी जानते हैं कि मैंने रात भर मछली पकड़ी है और कुछ नहीं मिला यदि एक बार फिर जाल डालूँगा और फिर से कुछ नहीं मिलेगा और असफल होऊंगा तो जग हंसाई होगी.

मतलब लोग उस पर हँसेंगे. लेकिन जब पतरस ने एक दृढ निश्चय किया और प्रभु यीशु की आज्ञापालन करने का निर्णय लिया तो एक भारी सफलता को प्राप्त किया

और जब उसने प्रभु यीशु मसीह के पीछे चलने का निर्णय किया तो एक प्रभावशाली प्रचारक बनकर सामने आया

और एक ही दिन में तीन हजार लोगों को बप्तिस्मा देकर एक बड़ी कलीसिया को स्थापित करने हेतु कलीसिया का खंबा बना.

यदि हम जोखिम लेने को तैयार हैं तो प्रभु हमें बनाने को तैयार है.

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पास्टर राजेश बावरिया (एक प्रेरक मसीही प्रचारक और बाइबल शिक्षक हैं)

मसीही लोग क्यों सदैव आनन्दित रहते हैं

आप अपने दसवांश और भेंट इस नीचे दिए गए बारकोड के द्वारा इस सेवा में सहायता कर सकते हैं. प्रभु आपको बहुत आशीष दे.

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