Rajesh Bavaria

बाइबल-के-वचन

पवित्रशास्त्र बाइबल परमेश्वर की लिखित वाणी हैं अर्थात परमेश्वर का जीवित वचन है आज उसमें से कुछ महत्वपूर्ण आशीषों और प्रतिज्ञाओं के वचन के हम पढ़ेंगे. विश्वास करता हूँ यह

प्रार्थना

मसीही जीवन एक पंक्षी के पंखो के समान है, जिसके दो पंख होते हैं उसे ऊंचाई में उड़ने के लिए दोनों पंख मजबूत होना जरूरी है. उसी प्रकार एक मसीही जीवन में परमेश्वर का वचन अर्थात बाइबल और प्रार्थना का जीवन दोनों मजबूत होना अति आवश्यक है…. यदि पंक्षी का केवल एक ही पंख होगा तो वह फड़फड़ाएगा लेकिन यदि प्रार्थना और बाइबल मनन दोनों हैं तो आत्मिक जीवन में वह उड़ेगा….

विश्वास

विश्वास को बढाने के उपाय, विश्वास ही है जो सारे संसार में राज्य करता है.

Scroll to Top
Scroll to Top