Hindi Sermon Outlines | Bible vani

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दोस्तों आज हम कुछ बाइबिल के संदेशों के रुपरेखा को देखेंगे Hindi Sermon Outlines तो आइये शुरू करते हैं.

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परमेश्वर के वचन में कुछ ऐसी बातें हैं जो भेदभरी हैं अर्थात रहस्यमयी बातें हैं और कुछ बातें प्रगत हैं. यद्यपि गुप्त बातें परमेश्वर के वश में हैं (व्यवस्था. 29:29) परन्तु राजाओं की महिमा गुप्त बात का पता लगाने से होती है. (नीतिवचन 25:2)

इसलिए आइये हम परमेश्वर की गुप्त बातों का पता लगाएं.

परमेश्वर का राज्य :- तुमको तो परमेश्वर के राज्य के भेद की समझ दी गई है. (मर. 4:11)

मसीह का सुसमाचार :- भेद के प्रकाश के अनुसार जो सनातन से छिपा रहा …बताया गया है. (रोमियो 16:25)

परमेश्वर का ज्ञान :- परमेश्वर का गुप्त ज्ञान …छिपा हुआ (1 कुरु 2:7)

मसीह को जानना :- परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहचान लें . (कुलु 2:2)

अन्य भाषा में बातें करना :- जो अन्यभाषा में बातें करता है …वह भेद की बातें बोलता है. (1 कुरि. 14:2)

कलीसिया, मसीह की देह :- यह भेद तो बड़ा है… मसीह और कलीसिया के विषय …(इफिसियों 5:32)

यह भेद युगों तक छिपा रहा है. वह भेद जो समयों और पीढ़ियों तक गुप्त रहा . (कुलु. 1:26) परमेश्वर ने इसे प्रगट करना चाहा. परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा…भेद की महिमा. (कुलु. 1:27)

यह भेद परमेश्वर ने प्रकाशन के द्वारा अपने लोगों के जरिये प्रगट किया है. (इफिसियों 3:3) परमेश्वर ने पवित्रात्मा को भेजा ताकि पवित्रआत्मा के द्वारा यह भेद अपनी कलीसिया पर प्रगट हो सके. (इफिसियों 3:5)

अत: जो उसकी आराधना करते हैं और उसकी सेवा करते हैं. वे परमेश्वर के भेदों के भंडारी हैं. (1 कुरु. 4:1) हम सभी को इन भेद की बातों को साहस के साथ सुसमाचार के द्वारा सभी को बताना है. (इफिसियों 6:19-20)

प्रार्थना के द्वारा :- जब हम प्रार्थना करते हैं तब परमेश्वर अपने रहस्यों को अपने भेदों को प्रगट करता है. जिस प्रकार संत पौलुस प्रार्थना करते हैं, मैं मांगता हूँ कि ….परमेश्वर तुम्हें प्रकाश की आ गया दे. इफिसियों 1:17

और यिर्मयाह 33:3 में परमेश्वर कहते हैं, तू मुझसे प्रार्थना कर और मैं तुझे वो गूढ़ और रहस्यमयी बातें बताऊंगा जो तू अभी नहीं समझता.

गंभीरता से खोजने से :- लिखा है ढूंढोंगे तो तुम पाओगे…(मत्ती 7:7) गुप्त धन के समान उसकी खोज में लगा रहे…तब तुझे प्राप्त होगा. (नीतिवचन 2:3,4)

परमेश्वर का भय मानने से :- परमेश्वर का भय मानना बुद्धि का आरंभ है. लिखा है…वह कौन है जो परमेश्वर का भय मानता है? वह उसको उसी मार्ग पर …चलाएगा. (भजन 25:12)

आपने न केवल वचन के द्वारा उसका भेद या रहस्य और उसका जीवन प्राप्त किया है, बल्कि आप उसके वचन के द्वारा निरंतर जीते सांस लेते, फलते -फूलते और उस जीवन का आनन्द लेते हैं.

मरुभूमि में इस्राएली न केवल रोटी से जीते थे, बल्कि परमेश्वर के मुख से निकले हर एक वचन से जीते थे. (व्यवस्था 8:3) वे प्रतिदिन मन्ना की आपूरित से जीते और बचे रहे जो उसके वचन का प्रतीक है.

धन्य जन (विश्वासी) विस्व्हस से जीवित रहेगा. (हब्क्कुक 2:4 रोमियो 1:17) विश्वास परमेश्वर के वचन का उत्पाद है.

विश्वास का जीवन वचन का जीवन है. मसीह का जीवन विश्वास का जीवन है. मसीह में आपको जो जीवन मिला है वह परमेश्वर के वचन से पोषित होने पर तेजी से मजबूत होता जाता है.

आपका मसीह में जीवन परमेश्वर के वचन से मजबूत होता जाता है. यह जीवन परमेश्वर के वचन से नियित पोषण के बिना फल फूल नहीं सकता (1 पतरस 2:2)

परमेश्वर का वचन हमारे लिए स्वर्गीय दूध, स्वर्गीय रोटी, और स्वर्गीय मॉस के समान है. अपने मसीही जीवन में हर एक प्रगति के लिए आपको परमेश्वर के वचन की और अधिक मात्र की आवश्यकता है. यही वचन का भेद है.

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