हिंदी-सरमन-आउटलाइन

20 Most important Bible Message Topics in Hindi | Sermon Outlines in Hindi | Amazing Bible messages 2022

Spread the Gospel

हेलो दोस्तों इस ब्लॉग में आपका स्वागत है. हम यहाँ हिंदी सरमन आउटलाइन देखेंगे जो आपको छोटे प्रार्थना सभाओं में या घरेलु प्रार्थना के मनन में सहायक होंगी. इसमें और भी क्रमश: आउटलाइन जोड़ दी जाएंगीं धन्यवाद

SERMON OUTLINE IMAGE bible study in hindi, hindi bible study, hindi short sermon, short hindi sermon, आज का वचन, परमेश्वर का वचन इन हिंदी, बाइबल की कहानी, बाइबल की स्टडी, बाइबल के प्रशनो के उत्तर, बाइबल छोटे प्रीचिंग, बाइबल संदेश इन हिंदी, बाइबल संदेश हिंदी, सम्पूर्ण बाइबल अध्ययन, हिंदी प्रीचिंग, हिंदी बाइबल की स्टडी, हिंदी बाइबल प्रचार, हिंदी बाइबल मनन, हिंदी बाइबल लघु प्रचार, हिंदी बाइबल संदेश, हिंदी बाइबल स्टडी, हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स

प्रार्थना कैसे करना चाहिए ? | असली प्रार्थना | हिंदी सरमन आउटलाइन

प्रार्थना मसीही जीवन की स्वास है एक अभिन्न अंग, लेकिन फिर भी बहुत लोग प्रार्थना करना नहीं जानते हैं शायद इसी लिए प्रभु यीशु ने सिखाया कैसे प्रार्थना नहीं करना चाहिए. फिर अपने शिष्यों को सिखाया की कैसे प्रार्थना करना चाहिए.

गिड़गिड़ा कर प्रार्थना करना चाहिए (दानिएल 9:3-4) …

दानिएल ने गिड़गिड़ा कर प्रार्थना किया तो परमेश्वर ने प्रार्थना सुन ली…प्रार्थना में परमेश्वर के सम्मुख घमंड से या गर्व से नहीं जाना चाहिए वरन नम्रता और दीनता के साथ गिड़गिड़ा कर प्रार्थना करना चाहिए

टूट कर प्रार्थना करना चाहिए (भजन 34:18)…

भजन का लिखने वाला भजनकार कहता है परमेश्वर के सम्मुख टूट कर प्रार्थना करना चाहिए क्योंकि परमेश्वर टूटे हुए मन वालो को तूच्छ नहीं जानता.

धन्यवाद के साथ प्रार्थना करना चाहिए (फिलिप्पियों 4:6)

संत पौलुस अपनी पत्री में कहते हैं तुम्हारे सारे प्रार्थना निवेदन परमेश्वर के पास धन्यवाद के साथ ले कर आओ तब परमेश्वर की शांति जो सारे समझ से परे है तुम्हारे हृदयों को प्रभु यीशु में सुरक्षित रखेगी.

स्वयं के लिए भी प्रार्थना करना चाहिए (लूका 22 :44)…

बहुत बार हम केवल दूसरों के लिए प्रार्थना करते हैं लेकिन कठिन समय पर यह निर्णय लेते समय हमें स्वयं के लिए भी प्रार्थना करना चाहिए जैसे प्रभु यीशु ने गतसमने के बगीचे में स्वयं के लिए प्रार्थना किया.

अपने लोगों के लिए प्रार्थना करना चाहिए (दानिएल 9:4-5)…

दानिएल ने, पौलुस ने, एस्तेर रानी ने अब्राहम आदि अनेक लोगों ने अपने लोगों के लिए प्रार्थना की. हमें भी अपने उन लोगों के लिए जो प्रभु में नहीं हैं प्रार्थना करना चाहिए.

अपने शहर / देश के लिए प्रार्थना करना चाहिए. (यिर्मयाह 29:7)…

हम जिस देश जिस शहर में रहते हैं उस शहर की शान्ति और कुशल के लिए प्रार्थना करना चाहिए परमेश्वर चाहते हैं हर विश्वासी अपने देश अपने शहर के लिए प्रार्थना करे जैसा शमुएल नबी ने प्रार्थना किया और कहा ऐसा न करना मेरे लिए पाप गिना जाएगा.

अपने बैरियों के लिए प्रार्थना करना चाहिए. (मत्ती 5:44)…

एक सच्चे मसीही के कोई भी शत्रु नहीं होता लेकिन जो उनसे बैर रखते हैं एक मसीही को उनके लिए प्रार्थना करना चाहिए अर्थात अपने सताने वालों के लिए प्रभु यीशु ने प्रार्थना करना सिखाया है.

सब मनुष्यों के लिए प्रार्थना करना चाहिए (1तीमुथियुस 2:1)

पौलुस अपने जवान अगुवे तीमुथियुस को सिखाते हुए कहते हैं हमें सभी मनुष्यों के लिए प्रार्थना करना चाहिए ताकि वे सभी प्रभु यीशु के नाम से उद्धार पाएं किसी व्यक्ति को नरक नहीं जाना चाहिए. परमेश्वर किसी अधर्मी के नाश होने से भी प्रसन्न नहीं होता.

एक स्वस्थ बढ़ते चर्च (कलीसिया) के सात चिन्ह | हिंदी सरमन आउटलाइन

एक पासवान या सेवक के लिए आर्दश यीशु मसीह है उसी प्रकार एक कलीसिया के लिए आदर्श कलीसिया प्रारंभिक कलीसिया है जिसे हम प्रेरितों के काम में पा सकते हैं.

प्रार्थना करने वाली कलीसिया

प्रेरितों 1:14 वे लोग लगातार एक मन होकर प्रार्थना कर रहे थे. एक स्वस्थ कलीसिया लगातार प्रार्थना करने वाली कलीसिया होती है. 1 इतिहास 7:14 में लिखा है यदि मेरे लोग जो मेरे कहे जाते हैं एक मन होकर अपनी बुरी चाल चलन से फिरकर मुझसे प्रार्थना करें तो मैं उनके देश को चंगा करूंगा और आशीष दूंगा.

सत्य का प्रचार करने वाली कलीसिया

सुसमाचार सुनाना प्रभु की महान आज्ञा है. प्रभु यीशु ने कहा, तुम सत्य को जानोगे और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा. (यूहन्ना 8:32) यदि हम प्रभु के वचन में बने रहे तो ही हम उसके शिष्य ठहरेंगे. एक कलीसिया का सर्वोपरी काम सत्य का प्रचार करना है. जाओ जाकर सारी दुनिया में सुसमाचार प्रचार करो.

संगती करने वाली कलीसिया

संगती मां की तरह रक्षा करती है, एक कलीसिया जो संगती नहीं करती कमजोर हो जाती है प्रभु यीशु ने कहा जब तुम अंत को देखो तो संगती करना न छोड़ना. संगती के कारण ही कलीसिया बढती है.

जरूरतमंद की सहायता करने वाली कलीसिया

जो कुछ तुमने इन छोटों से छोटे के साथ किया वह मेरे साथ किया. (मत्ती 25:40) ऐसा प्रभु यीशु ने कहा. अत: हमें एक अच्छी कलीसिया होने के लिए जरुरतमंद की विधवा, अनाथ, कंगाल, बेघरबार आदि लोगों की सहायता करना चाहिए.

आत्मा और सच्चाई से आराधना करने वाली कलीसिया

प्रभु यीशु ने सामरी स्त्री पर यह प्रकाशन प्रगट किया कि परमेश्वर अपने उन आराधकों को ढूंढ रहा है जो आत्मा और सच्चाई से अराधना करते हैं. जो कलीसिया प्रभु की ज्यादा स्तुति और अराधना करती है वो आत्मिक दान वरदानों से भी भरी होती है.

आत्मिक योग्य अगुवों वाली कलीसिया

जहाँ दर्शन की बातें नहीं होती वह प्रजा नाश हो जाती है (नीतिवचन 29:18) बाइबल में पहली शदाब्दी की कलीसिया प्रेरितों की शिक्षा में लगातार बढ़ रही थी.

आनन्दित और प्रसन्नचित्त कलीसिया

जो कलीसिया अपने पासवान अगुवों और कलीसिया के सदस्यों से तथा कलीसिया के कार्यविधि से प्रसन्न है वह कलीसिया सदैव बढती है. पहली शताब्दी की कलीसिया इतनी प्रसन्न थी की वे अपने संपत्ति बेच बेच कर प्रभु की सेवा में खर्च कर रहे थे और लगातार लोग बढ़ते जा रहे थे.

प्रार्थना क्यों करें | Hindi Preaching | Hindi Sermon outline

pastor g1e2db7fa0 640 11zon bible study in hindi, hindi bible study, hindi short sermon, short hindi sermon, आज का वचन, परमेश्वर का वचन इन हिंदी, बाइबल की कहानी, बाइबल की स्टडी, बाइबल के प्रशनो के उत्तर, बाइबल छोटे प्रीचिंग, बाइबल संदेश इन हिंदी, बाइबल संदेश हिंदी, सम्पूर्ण बाइबल अध्ययन, हिंदी प्रीचिंग, हिंदी बाइबल की स्टडी, हिंदी बाइबल प्रचार, हिंदी बाइबल मनन, हिंदी बाइबल लघु प्रचार, हिंदी बाइबल संदेश, हिंदी बाइबल स्टडी, हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स
Image by Tep Ro from Pixabay

यहाँ 5 मुख्य कारण दिए जा रहे हैं जो बताते हैं प्रार्थना क्यों करें.

क्योंकि कोई प्रार्थना को सुनता है (यिर्मयाह 33:3)

परमेश्वर हमारी प्रार्थना को सुनते हैं इसलिए हम प्रार्थना करते हैं, यदि कोई प्रार्थना ही न सुने तो फिर क्या लाभ. परमेश्वर ने कहा तू मुझसे प्रार्थना कर तो मैं तेरी प्रार्थना सुनकर उत्तर दूंगा.

ताकि हम परीक्षा में न पड़ें ( लूका 20:40)

हमारे जीवन में अनेक प्रकार के प्रलोभन या परीक्षाएं आती हैं यदि हम सही निर्णय न ले और उन परीक्षा में पड़ जाएं तो जीवन नाश हो सकता है इसलिए प्रभु यीशु ने कहा प्रार्थना करो ताकि तुम परीक्षा में न पड़ो.

प्रार्थना न करके हम पाप करते हैं. (1 शमुएल 12:23)

जिस देश या शहर में हम रहते हैं उस देश के लिए और उस देश के तमाम अधिकारियों एवं लोगों की कुशलता के लिए हमें प्रार्थना करना चाहिए. शैमुएल नबी कहते हैं यदि मैं अपने देश के लिए प्रार्थना न करूँ तो यह मेरे लिए पाप गिना जाएगा.

ताकि आत्मिक आखें खुल सकें (2 राजा 6:17)

एक बार भविष्यवक्ता एलिशा और उसके शिष्य गह्जी को मारने के लिए शत्रु राजा की सेना ने घेर लिया तब शिष्य गेहजी यह देखकर भयभीत हो गया और आश्चर्य किया कि भविष्यवक्ता एलिशा को कोई भय नहीं तब एलिशा ने प्रार्थना किया प्रभु इसकी आँखे खोल दे और तब परमेश्वर ने गेहजी की आखें खोली तो क्या देखा की उनकी रक्षा करने के लिए अग्निमय रथों की एक बड़ी सेना उन शत्रु सेना को घेरे हुए है.

अपने दुखों को दूर करने के लिए (अय्यूब 42:10)

अय्यूब जो परमेश्वर का भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला धर्मी पुरुष के जीवन में एक बार शैतान के प्रहार किया और सब कुछ छीन लिया और खेत खलियान जला दिया. और उसके शरीर में भी बहुत दुःख तकलीफ दे दिया. ऐसे समय में अय्यूब ने अपने मित्रों अर्थात दूसरों के लिए प्रार्थना किया और परमेश्वर ने उसका सारा दुःख दूर किया और उसे दुगनी आशीषों से मालामाल कर दिया.

हम विश्वास करते हैं आपको यह ब्लॉग, जिसमें आप पाएंगे bible messages verses, sermons, preachings pasnd आ रहे होंगे Bible vachan अपने आप मे बड़ी सामर्थ रखते हैं ये life changing bible verses will help to grow spiritually. ये short sermons आपके जीवन मे आशीष का कारण होंगे।

हिंदी सरमन आउटलाइन क्रमश: …

इन्हें भी पढ़े

जीवन में दुःख और सुख दोनों जरूरी हैं

हिंदी सरमन आउटलाइन

यीशु की प्रार्थना

पवित्र बाइबिल नया नियम का इतिहास

31 शोर्ट पावरफुल सरमन

यीशु कौन है

कभी हिम्मत न हारें

हम कैसे विश्वास को बढ़ा सकते हैं

प्रार्थना के 20 फायदे

प्रतिदिन बाइबल पढ़ने के 25 फायदे

प्रकाशितवाक्य की शिक्षा

200 प्रसिद्ध बाइबल की कहानियों की लिस्ट

https://biblevani.com/

पास्टर राजेश बावरिया (एक प्रेरक मसीही प्रचारक और बाइबल शिक्षक हैं)

rajeshkumarbavaria@gmail.com


Spread the Gospel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Scroll to Top