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31 हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स | 31 Short Powerful Sermons in Hindi

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प्रभु यीशु मसीह के अतुल्य नाम में सभी को जय मसीह की, इस हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स में आपका स्वागत हैं. जिसमें आप पायेंगे 31 Short Powerful Sermons in Hindi.

हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स
31 Short Powerful Sermons in Hindi (हिंदी बाइबल स्टडी नोट्स)

1. शीर्षक- मुझे प्रगट न करना | यीशु मसीह के अनमोल वचन

“…और उन्हें चिताया, कि मुझे प्रगट न करना।”

मत्ती 12: 16

अधिकांश चंगाई देने के बाद प्रभु यीशु मसीह लोगों से कहते थे. कि मुझे प्रगट ना करना और मेरे बारे में किसी से ना कहना। क्यों ? क्योंकि प्रभु यीशु मसीह अपने आप को महान साबित करना नहीं चाहते थे और ना ही राजा बनना चाहता था। वे इस संसार में एक सेवक के रूप में आए और उन्होंने खुद कहा मनुष्य का पुत्र सेवा कराने नहीं परंतु सेवा टहल करने के लिए आया है।

प्रभु यीशु मसीह अपने जीवन से पिता की महिमा को प्रकट करना चाहते थे जब मैं बाईबल को पढ़ रहा था तो इस बात को जान पाया कि बहुत से जगह पर जब प्रभु यीशु मसीह ने अंधे को आंखें दिया, लंगडे को चलाया, मुर्दों को जलाया, बहरे और गूंगे लोगों को चंगा किया और उसके बाद उन्हें समझाया, उन्हें चेताया और उन्हें आज्ञा दिया कि मेरे बारे में किसी से ना कहना और ना ही मुझे प्रकट करना।

जबकि आज के समय में लोगों को नाम और पहचान, इज्जत और शोहरत चाहिए। लोग अपने आप को महान बनाने में तुले हुए हैं। अगर वे छोटा सा भी काम कर दें तो वे अपने आप को फेमस करने में लगे रहते हैं, लेकिन प्रभु यीशु मसीह इन सबसे हटके और अलग हैं। इतना कुछ करने के बाद भी उन्होंने अपने आप को नम्र और दीन किया, हमें भी ऐसा ही होना है… जय मसीह की

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2. शीर्षक- मेरे द्वारा तो तेरी आयु बढ़ेगी | Short devotional sermons

“मेरे द्वारा तो तेरी आयु बढ़ेगी, और तेरे जीवन के वर्ष अधिक होंगे।”

नीतिवचन 9: 11

परमेश्वर के वचन में लिखा है मेरे द्वारा तेरी आयु बढ़ेगी हम मनुष्य कुछ भी कर ले जितना भी ताकत लगा ले, जितना भी खानपान अच्छा रखें फिर बड़े से बड़े डॉक्टरों के निगरानी में रहे। फिर भी हम इस बात को याद रखना चाहिए कि परमेश्वर ही के द्वारा हमारी आयु बढ़ेगी और हमारे जीवन के वर्ष अधिक होंगे ।

अगर परमेश्वर के द्वारा हमारी आयु बढ़ेगी तो आज हमें परमेश्वर की ओर देखने की आवश्यकता है । परमेश्वर को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है परमेश्वर का भय मानने और उसके आज्ञा का पालन करने की आवश्यकता है केवल उसी के ऊपर विश्वास और भरोसा रख कर जीवन बिताने की आवश्यकता है ।

क्योंकि उसी से सब कुछ शुरू है और उसी में सब कुछ एक दिन खत्म है परमेश्वर से बढ़कर इस दुनिया में और कोई नहीं है इसलिए परमेश्वर ने साफ कहा है मेरे द्वारा तेरी आयु बढ़ेगी इसलिए हम चिंता ना करें और न घबराए और न ही दुखी और निराश होकर जीवन बिताएं क्योंकि परमेश्वर हमारी आयु को बढ़ाएगा और हमारी आयु को वह पूरा भी करेगा।

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3. शीर्षक – मुझे तेरे विरुद्ध में कुछ कहना है | यीशु मसीह के उपदेश

“पर मुझे तेरे विरूद्ध यह कहना है कि तू ने अपना पहिला सा प्रेम छोड़ दिया है।

प्रकाशित वाक्य 2: 4

परमेश्वर कलीसिया के लोगो के विरोध में कुछ कहना चाहता है कि कलीसिया के लोगों ने अपना पहला सा प्रेम जो प्रभु के प्रति था उसे छोड़ दिया है । आज के समय में भी बहुत से लोग अपना पहला सा प्रेम छोड़ दिये है । याद करें जब आप प्रभु को उद्धार करता के रूप में ग्रहण किए थे तब आपका जीवन कैसे था ?

और अभी कैसा है शुरू शुरू में आप सवेरे उठकर प्रार्थना करते थे, रोज बाइबल पढ़ते रहे होंगे चर्च जाना संगति करना और चर्च के कार्यों में आगे बढ़ना ही आपके जीवन का उद्देश्य था । लेकिन आज आप कैसे हैं क्या जैसा प्रेम पहले आप प्रभु से करते थे? आज भी वैसा ही प्रेम आपके अंदर है कि आज आपका आत्मिक जीवन और प्रभु के प्रति प्रेम कम हो गया है ।

क्योंकि हम ऐसे संसार में जीवन बिता रहे हैं जहां पर लोग बहुत व्यस्त हैं और इस व्यस्तता के चक्कर में लोग प्रभु से दूर होते जा रहे हैं आज उनके पास प्रार्थना करने और बाइबल पढ़ने के लिए समय नहीं। लोग प्रभु को भूल चुके हैं जबकि प्रभु से प्रेम करना और उसे प्राथमिकता देने से बढ़कर और कोई बात नहीं है हमें अपने पहले प्रेम में लौटना पड़ेगा।

4. शीर्षक- तेरी आयु मैं पूरी करूंगा। | Short inspirational sermons

“तेरे देश में न तो किसी का गर्भ गिरेगा और न कोई बांझ होगी; और तेरी आयु मैं पूरी करूंगा।”

निर्गमन 23: 26

परमेश्वर का प्रतिज्ञा है कि वह हमारी आयु पूरी करेगा। जीवन और मृत्यु परमेश्वर के हाथ में उसके बिना अनुमति के हमें कुछ नहीं हो सकता। मनुष्य मिट्टी से बना है और एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा।

हमारी जिम्मेदारी परमेश्वर के हाथ में है। यहोवा मारता और जिलाता है वह घायल करता और पट्टी भी बांधता है। उसके हाथ में सब कुछ है जो वह चाहता है वही वह लोगों के जीवन में करता है। हमें डरने और घबराने की जरूरत नहीं है।

हमारा जीवन परमेश्वर के हाथों में हैं और हम सब यीशु मसीह के लहू में सुरक्षित हैं। अगर हमें कुछ हो जाता है तो हमारे पास एक जीवित आशा है कि एक दिन हम प्रभु यीशु मसीह के साथ बादलों में मिलेंगे और अनंतकाल का जीवन हम प्राप्त करेंगे। बस हमें सावधान रहना है और प्रभु को समय देना हैं.

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5. शीर्षक- हमारा आज, कल को निर्धारित करेगा | यीशु मसीह के वचन

“…और अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए अपनी आंखें उठाई, और दूर से इब्राहीम की गोद में लाजर को देखा”

लूका 16: 24

हमारा आज हमारे कल को निर्धारित करेगा। हम बाइबल में लू का की किताब 16 अध्याय में एक घटना को पढ़ते हैं कि एक धनी मनुष्य और एक निर्धन लाजर था। और धनी मनुष्य बड़े सुखविलास में जीवन बिताया करता था ।

उसने अपने जीवन में सब कुछ पाया लेकिन यीशु मसीह को नहीं पाया । अच्छी वस्तु वह प्राप्त किया लेकिन प्रभु को समय नहीं दिया। उसके अंदर कोई दया और प्रेम नहीं था। धरती पर जैसा उसने जीवन बिताया उसका आज उसके कल को निर्धारित किया और वह 1 दिन मरा, गाढ़ा गया और अधोलोक लोग में पहुंचा।

अगर वह अपने वर्तमान में अच्छे से जीवन बिताता तो उसके साथ भविष्य में भी अच्छा होता क्योंकि उसका आज उसके कल को निर्धारित किया. मेरे प्रिय लोगों इस बात को स्मरण रखें हमारा आज हमारे कल को निर्धारित करेगा इसलिए वर्तमान में रहते हुए प्रभु को अपना जीवन दें, उसे समय दें और उसके अनुसार जीवन बिताएं।

6. शीर्षक- संकट के दिन मुझे पुकार। | Heart Touching hindi sermons

“और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”

भजन संहिता 50: 15

परमेश्वर के वचन में लिखा है संकट के दिन मुझे पुकार। जब हम संकट के दिन में परमेश्वर को पुकारते हैं उसके ऊपर भरोसा रखते हैं तो जरूर वह हमारी सुनता है। यह परमेश्वर का प्रतिज्ञा है कि संकट के दिन तू मुझे पुकार और मैं तुझे छुड़ाऊंगा । सच में परमेश्वर हमें छुड़ाएगा और बचाएगा।

इस महामारी के समय में आज बहुत से लोग यहां वहां फोन कर रहे हैं पुकार रहे हैं मदद मांग रहे हैं लेकिन वे कई बार असफल हो जा रहे हैं आज किसी का अप्रोच काम नहीं आ रहा है मैं आप को उत्साहित करना चाहता हूं कि आप किसी भी प्रकार के संकट में क्यों ना हो।

और कोई आपकी नहीं सुन रहा होगा और ना ही मदद के लिए आगे आ रहा होगा । ऐसे समय में आप परमेश्वर को पुकारे परमेश्वर आपको छुड़ाएगा और बचाएगा । वह आपके जीवन के आखिरी सांस तक आपके साथ रहेगा।

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7. शीर्षक- परिवार और अपने रिश्तेदारों के प्रति चिंता.

“क्योंकि मेरे पांच भाई हैं, वह उन के साम्हने इन बातों की गवाही दे, ऐसा न हो कि वे भी इस पीड़ा की जगह में आएं।”

लूका 16: 29

एक धनवान व्यक्ति मरने के बाद जब आधलोक में पहुंचा तब उसकी आंखें खुल गई और वह प्रार्थना करने लगा । हे पिता मुझ पर दया कर लेकिन उसकी प्रार्थना नहीं सुनी गई । तब वह कहने लगा कि मेरे और पांच भाई हैं लाजर को भेज ताकि वो प्रभु के वचन को सुनकर विश्वास करें और आधलोक में ना आए।

क्योंकि मैं इस ज्वाला में तड़प रहा हूं जैसा आज मेरे साथ हो रहा है वैसा कल उनके साथ ना हो. इसलिए लाजर उनको जाकर समझाएं। लेकिन अब्राहम ने उससे कहा, ”उनके पास व्यवस्था है, वचन है, अगर वे उनको जानकर भी नहीं मानते तो मरे हुओं में से कोई जी उठ कर उनके पास जाएगा तो भी वे विश्वास नहीं करेंगे।

मेरे कहने का उद्देश्य है जब वह मरा तब अपने भाई और परिवार के प्रति चिंता करने लगा लेकिन जब वह जिंदा था तो उसने ध्यान नहीं दिया, चिंता नहीं किया। आज हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने परिवार और रिश्तेदारों के प्रति चिंता करें, ध्यान दें, प्रभु के बारे में उनको बताएं कि वे सब बचा लिए जाएं और परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकें।

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8. शीर्षक- सामर्थ और अधिकार | Motivational sermons in hindi

“फिर उस ने बारहों को बुलाकर उन्हें सब दुष्टात्माओं और बिमारियों को दूर करने की सामर्थ और अधिकार दिया।”

लूका 9: 1

प्रभु यीशु मसीह ने अपने चेलों को बुलाकर उन्हें सब दुष्ट आत्माओं और बीमारियों को दूर करने के लिए और सांपो और बिच्छूओं को रौंदने के लिए और जवान सिंह और अजगर को लताड़ ने के लिए और शैतान के सारे ताकत के ऊपर उनको अधिकार दिया और सामर्थ्य दिया। जिसके द्वारा वे इस संसार में रहकर प्रभु यीशु मसीह के लिए बड़े और महान कामों को कर सके।

जिस प्रकार से चेलों को प्रभु ने अधिकार और सामर्थ्य दिया था उसी प्रकार से प्रभु यीशु मसीह ने हमें भी अधिकार और सामर्थ्य दिया है इसलिए हमें कभी डरना और हार नहीं मानना है परंतु सामर्थ और अधिकार का सही तरीके से प्रयोग करके शैतान के सारे ताकतों के ऊपर विजय को प्राप्त करके इस संसार में एक जयवंत जिंदगी जीना है और प्रभु के लिए बड़े और महान कामों को करना है।

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